# रंग !! **Published by:** [Usha](https://paragraph.com/@usha/) **Published on:** 2022-08-07 **URL:** https://paragraph.com/@usha/jamW1QOhTUnoy2WxstW8 ## Content दो रंग सबसे निराला एक सफ़ेद दूजा कला सबसे प्यारा क्या ? हाँ , ये साँवला रंग तुम्हारा ! ये रंग ही तो है जो दामन में लगे तो दाग और गाल में गुलाल हो जाता है कहीं इश्क़ हो जाता है , कहीं लाल हरे में आपसी तनाव हो जाता हैं , रंग में बँट चूका संसार किसी को हरा प्यारा किसी को भगवे से प्यार कहानी अदभुत है भारत की यार जब करना हो युद्ध कोई उठाये तलवार कोई करे कलम से वार , पर जीत तय थी तलवार की क्यूंकि क़िताबों को खाने लगे है दीमक और बाजारों में बिक रहे तलवार चमकदार , मगरूर तलवार था परेशान भाई , भाई-जान में फर्क कर न सका किसकी गर्दन काटे पहले तय कर न सका , हार से लगता था डर उसे हारने के डर से किया दोनों पे प्रहार , जब देखा लहू का रंग लाल कोसा उसने खुद को हज़ार हरा भगवा रंग मिला नहीं मिले लाखों तिरस्कार , रोता बिखलता तलवार कहता ये पाप मुझसे हुआ न होता अगर मेरा जीत हुआ न होता , गर जीत कलम का होता पढ़ लिख मैं भी भाबा बन जाता चलो एक बार फिर युद्ध रचा जाये (तलवार ) मेरी हार हो , कलम जीत जाये , अब युद्ध नहीं अगाज़ कर (कलम ) शत्रुओं पर वार कर द्रौपदी का शस्त्र बन मत कृष्णा का इंतज़ार कर , माना समंदर में है तिनके सी शख्सियत भीड़ से निकल मत भीड़ का एक अंग बन फ़र्ज़ की पुकार पर अब युद्ध नहीं आगाज़ कर , बिकने से ये माटी बचा अब बारी है धूल चटा जो आंच आये अधिकार पर हथियार भर , लिखने वाले जमानत लिखते है हत्यारों के लिए अमानत लिखते है जय श्री राम न कहना अब स्वस्थ्य के लिए हानिकारक लिखते है,उषा सिंह मुंडा ethereum://0xabEFBc9fD2F806065b4f3C237d4b59D9A97Bcac7/2.59339182196742e+28 ## Publication Information - [Usha](https://paragraph.com/@usha/): Publication homepage - [All Posts](https://paragraph.com/@usha/): More posts from this publication - [RSS Feed](https://api.paragraph.com/blogs/rss/@usha): Subscribe to updates